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रांची/डेस्कः झारखंड में अब तक का सबसे बड़ा भूकंप 31 जुलाई 1868 को हजारीबाग क्षेत्र में आया था. तब से लेकर अब तक झारखंड में 4 से 5 रिक्टर स्केल का भूकंप लगातार आता रहा है. भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक जिस गति से झारखंड में खनन हो रहा है और खदानों में पानी भरा जा रहा है, झरखंड में भी भूकंप का खतरा बढ़ रहा है.
31 जुलाई 1868 में हजारीबाग क्षेत्र में आया था भीषण भूकंप
म्यांमार में जो भीषण भूकंप आया है, झारखंड उससे बहुत ज्यादा दूर नहीं है. सवाल उठने लगा है कि झारखंड भूकंप के किस जोन में आता है, और झारखंड को भूकंप से कितना खतरा है. झारखंड में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं. साइंस जर्नल के मुताबिक अब तक का सबसे बड़ा भूकंप 31 जुलाई 1868 में हजारीबाग क्षेत्र में आया था, जिसके निशानियां पूरे झारखंड में मौजूद है. भूगर्भ वैज्ञानिक नीतिश प्रियदर्शी के मुताबिक, 1868 के बाद 1956 को दुमका क्षेत्र में भी एक प्रभावशाली भूकंप आया. फिर 9 अप्रैल 1963 को पांच रिक्टर स्केल का भूकंप आया. 5 अगस्त 1997 को मजगांव क्षेत्र में 4.7 रिक्टर स्केल का भूकंप, 20 अक्टूबर 2003 को 4.3 रिएक्टर का भूकंप धनबाद क्षेत्र में आया जो 30 सेकंड तक रहा. फिर 2003 और 2005 में भी भूकंप के झटके महसूस किया जा चूके हैं जो चार से पांच रिक्टर के रहे.
पूरी दुनिया 6 टेक्टोनिक प्लेट पर टिकी
श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी के ज्योग्राफी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ डीसी मिश्रा के मुताबिक, पूरी दुनिया 6 टेक्टोनिक प्लेट पर टिकी हुई है, जिसमें से झारखंड छठे Aarkean प्लेट पर बसा हुआ है, जो बहुत सॉलिड प्लेट माना जाता है. डॉ मिश्रा के मुताबिक वैसे तो झारखंड में भूकंप का खतरा कम है, लेकिन जिस गति से खनिज का दोहन हो रहा है और खदान खाली कर उसमें पानी भरा जा रहा है, इससे आने वाले दिनों में भूकंप का खतरा बढ़ गया है.
भूमिगत ब्लास्टिंग भूकंप के लिए बेहद हानिकारक
अगर झारखंड की बात करें तो झारखंड, सीस्मिक जोन 2/3 और 4 पर आधारित है. जोन 2 में कोल्हान समेत रांची और आसपास के क्षेत्र है, जहां खनन गतिविधि होती है. बिहार से लगे उत्तरी झारखंड को जोन 2 में रखा गया है. जोन 4 में साहिबगंज और पाकुड़ आता है, जहां भूकंप का सबसे कम खतरा है. उन्होंने बताया कि भूमिगत ब्लास्टिंग भूकंप के लिए बेहद हानिकारक है.
झारखंड के पास हाल ही में आए कुछ भूकंप
झारखंड में हाल के वर्षों में कुछ भूकंप आए हैं, लेकिन उनमें से ज़्यादातर छोटे थे. हाल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में झारखंड में या उसके आस-पास कोई महत्वपूर्ण भूकंप की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, झारखंड में 2024 से 3 से ज़्यादा और 4.5 तक की तीव्रता वाले 10 भूकंप आ चुके हैं. 1900 के बाद से झारखंड के पास सबसे शक्तिशाली भूकंप 6.9 की तीव्रता का था और 21 अगस्त, 1988 को आया था. झारखंड के पास हाल ही में आए कुछ भूकंप इस प्रकार हैं: 28 फरवरी, 2025 को झारखंड के पास 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था. 14 अक्टूबर, 2022 को झारखंड के रांची के पास 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था. 26 मई, 2019 को झारखंड के जमशेदपुर के पास 4.7 तीव्रता का भूकंप आया.